माणिकचन्द्र वाजपेयी सम्मान फिर शुरू करने पर मंथन
October 22, 2019 • Media Vimarsh

भोपाल - माणिकचन्द्र वाजपेयी जन्मशताब्दी समारोह समिति की बैठक को संबोधित करते हुए समिति अध्यक्ष एवं हरियाणा व त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि यह वर्ष महापुरुषों की जन्मशती का वर्ष है। इन महापुरुषों के जीवन से मिली प्रेरणा से नए भारत के निर्माण अभियान को दिशा मिलनी चाहिए। बहुमुखी प्रतिभा के धनी पत्रकार माणिकचन्द्र वाजपेयी की जन्मशताब्दी के वर्ष भर विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले आयोजनों में से सभी बातें समाज के सामने आनी चाहिए जो अभी तक सबके सामने नहीं आ पाई हैं। समारोह समिति ने मामाजी माणिकचन्द्र वाजपेयी पुरस्कार दुबारा शुरू करने पर भी मंथन किया।

कप्तान सिंह सिलंकी ने यह विश्वास व्यक्त किया कि गुरुनानक देव कि 550 वीं जयंती, महात्मा गाँधी कि 150 वीं जयंती, राजमाता सिंधिया एवं दत्तोपंत ठेंगडी जी कि जन्मशती समेत अन्य महापुरुषों की जयंती देश को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि मामाजी का जीवन बहूआयामी रहा है। वे शिक्षक भी थे, राजनैतिक कार्यकर्ता भी, संघ के प्रचारक भी और एक सफल पत्रकार भी। उनकी पत्रकारिता ध्येयनिष्ट तो थी लेकिन बंधी हुई नहीं थी। उनकी पत्रकारिता के प्रशंसक कई राजनैतिक दलों में काम कर रहे हैं। यह हमारी समिति में शामिल विभिन्न व्यक्तित्वों से भी समझा जा सकता है। कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि देश विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है।

 

समिति के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ट पत्रकार राजेंद्र शर्मा ने आयोजन की रूपरेखा रखी। स्वदेश के विभिन्न संस्करण एवं विश्व संवाद केन्द्र, मध्यप्रदेश आयोजन में सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि जिन पत्रकारों ने मामाजी के सानिध्य में काम किया है उनको सक्रिय करके हम विचार प्रवाह को गतिशील करेंगे। राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अब हम सरकार से माणिकचन्द्र वाजपेयी पुरस्कार को पुनः उनके नाम पर शुरू करने का अनुग्रह नहीं करेंगे, बल्कि समिति हीं वर्ष भर में एक आयोजन करके पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान करेगी। इसकी घोषणा आयोजन में कर दी जाएगी।

वरिष्ट पत्रकार महेश श्रीवास्तव, विजयदत्त श्रीधर, रामभुवन सिंह कुशवाहा, दिनेश गुप्ता, अतुल तारे, अशोक त्रिपाठी, जयराम शुक्ल, सुरेश शर्मा, अनुराग उपाध्याय ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनको आयोजनों में शामिल किये जाने पर विचार किया जायेगा। आयोजन में देवपुत्र के संपादक कृष्ण कुमार अष्ठाना एवं पूर्व मंत्री श्रीमती माया सिंह भी शामिल हुई। बैठक का सञ्चालन मध्यप्रदेश बाल आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं समिति के महामंत्री संयोजन डॉ राघवेन्द्र शर्मा ने किया।